"माँ ,पापा के जाने के बाद से आपकी कलाईयाँ सूनी रहती है।इन चूडियों को पहिन लो।आज मदर्स डे पर आपके लिये।"
"ये सोने की चूड़ियाँ,इतना पैसा कहाँ से आया तेरे पास।अभी पिछले महिने ही तुम लोगो ने बच्चो के लिये महंगे कपड़े ,और रीना के लिये साड़ी ली।"
"ओह माँ वो तो तुम्हारी बहू की बचत थी।ये तो मुझे इस माह डी. ए.एरियर मिला है।तो हम दोनो ने सोचा तुम्हारे लिये ये गिफ्ट ले।और ये प्योर गोल्ड नही।दो ग्राम सोने की है।मैने कोई बेईमानी की कमाई नही की।आपने ही तो बताया है की जब बेईमानी का पैसा घर आने लगे तो समझो घर मे कोई विपत्ति आने वाली है।
सुनीता मिश्रा
मौलिक

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