Thursday, May 9, 2019

बहुत याद आती है माँ




जब भी  मैं   कष्टों में  होती  हूँ ,
 बहुत  याद आती है मां।
मैं  तुझे  पुकारती हूँ ।
तू मुस्कराकर,
मेरा हाथ  थामती है।
बीहड़ राहों  में ,
राह सुझाती है।
हर समस्या का  निवारण ,
 तू हंस कर करती।

मां  तूने  कंटक मार्ग पर
 चलना सिखाया ।
मेहनत कर जीना सिखाया ।
हर मुश्किल को,
पार करना सिखाया ।

मां   तू कहती थी ,
सपने तुम्हारी मुट्ठी  में हैं ।
सपनों को रोकर नहीं ,
हंसकर लेना है।
 हर चुनौतियों का सामना करना है।
सत्य की दीवार पर,
 महल  खड़ा करना  है।
आंसुओं को अपनी
 कमजोरी नहीं  बनने देना
बल्कि  आंसुओं में 
दर्द को डुबोना है।

मां  आज तेरी सीख,
मेरे काम आ रही है।
जीवन में बहार ला रही है।
मां सचमुच  तू है ग्यान का भंडार ,
तेरे आशीषों से सजा है मेरा संसार ।

747/2017

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