त्योहार मंगलमय हो
बहना तिलक लगाती हैं।
मुँह मीठा कर ,आरती कर ,
वचन रक्षा का पाती है।
उपहारों का मोल न जाने,
बहन और भाई का प्यार।
परवाह ,प्यार और सर पर
भाई का हाथ ही ह
*अचला गुप्ता
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राखी बहना के मन भाई
भाई का रास्ता देख रही खडी है द्वार पर ।
भाई की कलाई सुनी ना रहे
बहन ने बनाई मोली से प्यारी सी राखी
एक डोर मे कितना पवित्र रिश्ता है भाई बहन का
*चारूमित्रा
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रक्षा का कवच है यह बंधन
जीवन का आधार है यह बंधन
भाई की कलाई पर बांधकर बंधन
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पावन सावनी पूर्णिमा का मान,
अटूट अनुरागी बंधन का आन।
रोली मोली तिलक से सजेगा थाल,
यूं ही दमकता रहे मेरे भाई का भाल।
🌹मधु वैष्णव "मान्या"🌹
रेशम की डोरी से बंधा
ये बंधन है नेह का
भाई और बहन के
पावन प्रेम का
एक दूसरे की रक्षा
और सम्मान काll
*नंदिनी जोशी
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रक्षा बंधन का पर्व मनायें
रोली अक्षत थाल सजायें
भई बहन का प्यार अमर है
हर कोई यह है जाने , माने
माँ देती खूब दुआऐ ,
सब की लेती है बलाऐ।
भाई छोटा हो या बड़ा
बहन रक्षा का वचन है लेती
*डॉ अलका पाण्डेय मुम्बई
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भावभरा रक्षाबंधन
सूना सूना है वीरान ये राखी का त्यौंहार
सजल है बहनों के भाई के लिए आतूर नयन
पलकों पर भाई के, बहना के आने का इंतजार
लेकिन ओ बहना आंखों से ना अश्रुधार बहाओ
अधरों पर मुस्कान लिए आशा का एक दीप जलाओ
जितना भी हो मलाल दिल में
मन में एक संकल्प जगाओ भावनाओं की डोरी से इस बरस
भाई की कलाई पर राखी सजाओ
दूर रहकर भाई तुम, बहन की रक्षा करने का फर्ज निभाओ
*-प्रिती धीरज जैन
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: पहले दोस्त पक्का बना लिया,
फिर तस्वीर सेधक्का लगा दिया।
हम भी बड़े ढीठ नही जाने वाले है,
फ़ोटो में न सही लिस्ट में आने वाले है।
मेहंदी कुछ इस तरह गुनगुना जाएंगे,
सिर्फ फोटो नही आपके दिलो पे छप जाएंगे।
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रे बदरा
तुझको मैंने राखी बांधी
तुझको मित्र बनाया
तेरे रहते इस सावन में
गीत प्यार का गाया
सुनीता जी को धन्यवाद
आपने चित्र लगाया
*सीमा जोशी
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स्नेह कि उमड़ रहा संसार
सारे जग को सबसे सच्चा
होता भाई-बहन कि प्यार
*डॉ मीना
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ये राखी हैं अनमोल
न हीरे जड़ी न मोती सजी
न सोने की न चाँदी की
ये तो भैय्या मोली की
कच्चे धागे की
जिसमें हैं प्यार का बंधन
कच्चे धागों का पक्का बंधन
हमारा प्यार हैं अनमोल
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*अनूठे रिश्ते की बुनियाद है राखी*
*भाई बहन के प्रेम की सौगात है राखी*
*स्नेह,प्रेम की डोर का प्रतीक है राखी*
*शुभ संकल्प भरा संरक्षण त्यौहार है राखी*
*भाई बहन के अटूट संबंध से जुड़ी है राखी*
*इंदौर*
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ये राखी भावनाओं का त्यौहार हैं।
ये राखी अपने मायके के प्रति अपनत्व का करार हैं।
ये राखी सिर्फ फूल या गुलदस्ता ही नही बल्कि सुंदर बहार हैं।
*पायल परदेशी
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नई मिट्टी में अपनी जड़े जमाकर, स्नेह के धागे से रक्षा पर्व बुनती है
बंधन तो भाई की कलाई पर होता है, भाभी गांठ की मजबूती बनती है
बहनों का बचपना ज़िंदा रखती है, घर में प्रेम के झूले बांधती हैं
तिलक तो भाई के माथे पर होता है, भाभी उसकी लालिमा बनती है
अपनों सी मुस्कान ले आती है, मायके का उजास बन जाती है
मिठाई तो भाई के मुंह में जाती है, भाभी उसकी मिठास बनती है
परंपरा के धागों से जोड़े रखती है, वह दो घरों का सेतु होती है
अक्षत तो भाई पर वारे जाते हैं, भाभी उसका आशीर्वाद बनती है
अपनी खुशियों से ऊपर वह रिश्ते की गरिमा का प्रकाश रखती है
दीपक तो भाई के सामने होता है, भाभी उसकी दीपशिखा बनती है
जीवन की थाली का मीठा सा रिश्ता, भाभी उसका ज़ायका बनती है
उपहार तो भाई से मिल जाता है, भाभी उसके साथ अनकहा मायका बनती
*सुशीला कोठारी
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राखी नहीं बहना ने भाई की कलाई पर अपना
राखी के हर धागे में गुंथी है
मधुर रिश्ते की अनमोल बहारें।
भाई ने बदले में दिया ये उपहार
तेरी सुरक्षा की बहना जिम्मेदारी मेरी।
आसमां और जमीन का कहना है यही
सबसे प्यारी मेरी बहना है लाखों में।
*नीति अग्निहोत्री
५७सांई विहार इन्दौर मप्र
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पवित्र रिश्तों का त्योहार,
जन्म ,जन्म से रेशमी डोर,
थामे रखे एक दूजे से परिवार,
बहना तुम मिल जाना हर बार,
नहीं तो सूना रह जावे त्योहार,
बांट जोह रहा मैं घर द्वार,
कब आओगी करोगी दुलार।
*प्रभा जैन,इंदौर
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मनहरण घनाक्षरी
विषय:- रक्षाबंधन
बहन सूरत प्यारी
जहान सबसे न्यारी
जतन करती खूब
होती प्रेम धार है।
राखी वो सजाती थाल
तिलक लगाती माथ
रक्षाबंधन है आया
बाँधे रक्षा तार है।
मधुर मुस्कान लिए
हाथ में मधुर लिए
खिलाती है भैया मुख
दे स्नेह अपार है।
बंधन है अनमोल
निकले मधुर बोल
तत्पर रहती सदा
हो सुख हजार है।
* रीतु प्रज्ञा
दरभंगा, बिहार
स्वरचित एवं मौलिक
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इस बरस ना मेहंदी,ना साज सिंगार
सूना सूना है वीरान ये राखी का त्यौंहार
सजल है बहनों के भाई के लिए आतूर नयन
पलकों पर भाई के, बहना के आने का इंतजार
लेकिन ओ बहना आंखों से ना अश्रुधार बहाओ
अधरों पर मुस्कान लिए आशा का एक दीप जलाओ
जितना भी हो मलाल दिल में
मन में एक संकल्प जगाओ भावनाओं की डोरी से इस बरस
भाई की कलाई पर राखी सजाओ
दूर रहकर भाई तुम, बहन की रक्षा करने का फर्ज निभाओ
*(रचनाकार-प्रिती धीरज जैन )
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बहनों के पवित्र प्रेम का भी है ये राखी का त्योहार,,,,,
कब आएगा ये राखी का त्योहार,
हमेशा पूज्य मम्मी का मिलता था,
इस दिन आशीष भरा प्यार,
परंतु प्यारी मम्मी बहुत याद आएगी इस बार,
कौन कहता है केवल भाई बहन का पवित्र है ये त्योहार,
हम सब बहनों के अमर प्रेम का है,ये त्योहार,
भाई के न होते हुए भी हम बहनों का दिल रहता बेकरार,
बहने एक दूसरे की कलाई पर राखी बांध करती है इजहार,
सबके जीवन में ला देता है बहार,
मिल जाती खुशियां अपरम्पार,
Korona के चलते न मना पाएंगे, व्हाट्स एप ज़ूम पर ही मना लेंगे इस बार,
पर कभी कम न होगा हम बहनों का प्यार,
बहनों के अमर प्रेम का भी है ये त्योहार,,,,,,,,,,
नवनीत जैन
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जिस बहना संग खेले लड़े हम।।
वह बहना जब दूजे घर जाती
राखी उसकी याद दिलाती।।
भाई नहीं यह धागा कच्चा
भाई बहन का प्यार यह पक्का
बहना राखी है अनमोल
नहीं लगाना इसका मोल
भाई बहन का रिश्ता पावन।
रक्षाबंधन लाता सावन ।।
*स्मिता जैन रांची
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रिश्तो की मजबूत डोर से,
बना रक्षा का बंधन है, राखी
भाई बहन की नोकझोंक से,
सजा अनोखा यह बंधन,
यह वादा है भाई का, बहन से,
सदा करूंगा रक्षा,
ऐसे ही सदा बना रहे,
भाई बहन का यह बंधन.....
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
डॉ. कीर्ति यादव
कस्तूरबाग्राम, इंदौर
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: राखी आई राखी आई खुशियां लाई खुशियां लाई बहन आज फूली न समाई राखी रोली और मिठाई इन सब से थाली खूब सजाई राखी आई राखी आई बांधे भाई की कलाई पर धागा भाई से यह करती है वादा राखी की लाज भैया निभाना बहना को कभी भूल न जाना भाई देता बहन को वचन दुख उसके सब हरण भाई बहन को प्यारा है राखी का त्यौहार सबसे निराला है
*मंगला सरोश
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इनी बेन्या के भुली मत जाजो
नी चइए म्हारे सुन्ना का बाला
ढेर पड्या हे घाघरा ने लुगड़ा
लई मेल्या हे रेसम का पुमड़ा
भाभी भतीजाके कपड़ा लत्ता
नारेल बतासा ने लाड़ू पेड़ा
थारा सरु वीरा मफ़लर टोपा
अई नी सके तो खबर दीजे
अई जउगा थारा जीजा साते
*सरला मेहता
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वह अमवा की डाली वह गौरी का झूमना झूम झूम गाती है पिया से मिल ना💐
आओ सखी री
मंगल गीत गाओ सावन के महीने में भोले को मनाओ🌷
कृष्णा की मुरली पर राधा दौड़ी आई वृंदादावन की गलियों में लीला रचाa🙏
भोली भाली गोपियां दौड़ी दौड़ी आए जमुना के तीरे वह वस्त्र चुराए🙏
राधाकिशन भी नाच नचाए🌷 ता ता थैया करके गीत मधुर गाए। मोरनी मयूरी झूम झूम जाए💐 चंदा की चांदनी में रास
रचाए💐
*सुषमा शुक्ला स्वरचित गीत
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भरा पुनीत पर्व
भावनात्मक संबंधों
का प्रतीक पर्व
भाई-बहन के अटूट
रिश्ते का त्यौहार
स्नेह शांति सुरक्षा
विश्वास का त्यौहार
सावन की पूर्णमासी
का पावन उत्सव
राखी बांधती बहनों
का अद्भुत उत्सव
*ममता तिवारी इंदौर
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फ़ोटो में भी नहीं सजाया।
आप करो इनायत।
कैसे करूँ शिकायत?
***मीना जैन
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मैंने क्या जुर्म किया
तस्वीर हटा दी मेरी
तस्वीर मेरी भी थी
गैर की तो नहीं चाही थी ।
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[माना तस्वीर में मौजूद चेहरे बेहद हसीन है
पर ऐसे बुरे तो हम भी नहीं...
किसी कोने में हमे भी पटक देते....
ज्यादा जगह भी नहीं घेरते हम तो .......
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रंगों कि इस colour palette
में हैं कुछ रंगों कि कमी
,वह रंग इसमें शामिल होते
तो संकल्प कि छटा होती और भी निराली
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फोटो मे नजर से ओझल हुऐ कोई बड़ी बात नही ,
मुकद्दर की बात है।
हम तो आपके दिल में
आप हमारे दिल मे अमिट छाप है ।हर्ष की हरियाली
बनी रहें इसकी मुझे आस है ।
आपकी अपनी
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मुझे क्यों मझधार में छोड़ दिया
या कि सिर्फ सुंदर चेहरे आपकी शान है
ब्लैक ब्यूटी हूँ तो क्या,मेरी अपनी भी आन है
मुझमें यदि कमी है तो निसंकोच बताइए
नाराज़गी किस बात की है, वज़ह तो बताइए
रिश्ते में कहीं दूर की बहना ही बना लीजिए
पर इस तरह तनहा छोड़ कर मत जाइए।
आपकी दूर की बहना
*उषा गुप्ता














































