Wednesday, May 8, 2019

माँ तुझे प्रणाम

माँ तुम होती तो कुछ न होता
धरती गगन ये संसार का ज्ञान न होता
धन्य हुई कोख में आकर दुर्लभ अर्मत पान न हो
बिदा किया ससुराल जब तो दुनिया दारी का न होता
मां तेरी ममता करूणा त्याग बलिदान का अनुमान न होता
नम नयनो से अन्तर जलसे चरणों को स्पर्श करु
हरपल मेरी रक्षा करती तो देवों से ऊचां स्थान न होता🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌹🌹🌹🌹👏🏻👏🏻💐💐सीमा मिश्रा

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