Monday, May 20, 2019

बचपन की शैतानी

अनीला जगत
मैं  पांच साल की रही होऊंगी, दादी के  यहाँ  सभी लोग गर्मी  की  छुट्टियों  में  इकट्ठा  हुए।8- 10 बच्चे  एक  ही उम्र  के  रहे होंगे । लडकों  का  ग्रुप  अलग बाहर शैतानियाॅ करता लडकियों  का घर में  ही गुड्डा गुडिया  की शादी और इसी प्रकार  के  घरेलू खेल होते। कहीं  से एक ब्लेड  मिल गया  ।उन दिनों  शेव सभी ब्लेड  से ही करते थे ।बस नई उपलब्धि  पर ज्ञानार्जन  होन लगा।किसी ने कहा बेकार  है तो दूसरे ने तुरंत  होशियारी  झाड़ नहीं  तेज है ।वाद विवाद  शुरू होगया ।अब कैसे  प्रमाणित  हो ?मैं  सबने कहा कहीं  जाॅच कर देखते हैं  ।ठीक है मैं  सबसे छोटी थी अधिक  सहयोग  नहनही कर पाती थी ।अतः सबने कहा इसकी छोटी उंगली पर चला कर देखते  हैं ।मैंने  भी साथ खेलने की चाहत  में  ऊँगली  आगे कर दी ।बडी दीदी  ने चलाया बहुत तेज था छुपाते ही खून का फव्वारे  को देख सब गायब
।मैमै मै भी हतप्रभ  थी क्षणिक किम्कर्त्तव्य विमूढ अपनी उंगली देख रही थी ।तभी बडी बुआ ने वहां  से जाते समय देखा और चिल्लाने  लगी देखो क्या किया इसने कितना खून निकल रहा है।मैं  भी घबरा कर रोने लगी ।पूरे घर में  उठा पटक मच गई ।सभी समझ रहे हैं  कि मैंने  ही काट ली है डाॅट रहे हैं  मै और जोर से रो रही हूँ  लेकिन कौन सुने साथ ही बडी बहिन  मनाकर रही हैं  कि बताना मत नहीं  तो खिलायेगे  नही।बस यही अच्छा  रहा कि उंगली अलग नहीं  हुई। आज भी निशान है

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