आम खट्टे हैं?
'क्या खा रहे हो?'
'मम्मा आम'
'आम? आम कहाँ से आया?'
'फ्रिज में रखे हैं।'
मैंने फ्रिज खोलकर देखा तो तीन चार आम फ्रिज की जाली में पड़े थे।
मैंने कहा 'बेटा ये तो बहुत खट्टे हैं'
बेटा बोला 'न मम्मा बहुत मीठे है।'
मैंने भी एक आम खाया सचमुच बहुत मीठा थाl
कितना डाँटकर आयी थी मैं फल वाले को। क्या क्या कहा था मैंने उसे - 'भैया तुमने अच्छा बेबकूफ बनाया हमें; मीठे आम के नाम पर इतने महँगे आम दिये।
मुझे एक किलो की ज़रूरत थी पर मैंने दो किलो ले लिए थे आपके कहने पर।
फल वाला बिचारा बोला 'भाभीजी एक दो खट्टे निकल गए होंगे।
मैं फिर भी नहीं रुकी मैंने कहा 'भैया सारे ही खट्टे हैं। एक दो से समझ में आ जाता है।
दरअसल संयोगवश जो मैंने आम खाये थे वह थोड़े कच्चे थे।
मैं आत्मग्लानि से भर गयी मुझे लगा - क्या इतनी बात मैं मॉल के दुकानदार को सुना सकती थी?
'क्या खा रहे हो?'
'मम्मा आम'
'आम? आम कहाँ से आया?'
'फ्रिज में रखे हैं।'
मैंने फ्रिज खोलकर देखा तो तीन चार आम फ्रिज की जाली में पड़े थे।
मैंने कहा 'बेटा ये तो बहुत खट्टे हैं'
बेटा बोला 'न मम्मा बहुत मीठे है।'
मैंने भी एक आम खाया सचमुच बहुत मीठा थाl
कितना डाँटकर आयी थी मैं फल वाले को। क्या क्या कहा था मैंने उसे - 'भैया तुमने अच्छा बेबकूफ बनाया हमें; मीठे आम के नाम पर इतने महँगे आम दिये।
मुझे एक किलो की ज़रूरत थी पर मैंने दो किलो ले लिए थे आपके कहने पर।
फल वाला बिचारा बोला 'भाभीजी एक दो खट्टे निकल गए होंगे।
मैं फिर भी नहीं रुकी मैंने कहा 'भैया सारे ही खट्टे हैं। एक दो से समझ में आ जाता है।
दरअसल संयोगवश जो मैंने आम खाये थे वह थोड़े कच्चे थे।
मैं आत्मग्लानि से भर गयी मुझे लगा - क्या इतनी बात मैं मॉल के दुकानदार को सुना सकती थी?

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