Sunday, May 19, 2019

तोरा मन दर्पण कहलाये



*एक व्यक्ति ने अपने गुरु से पूछा - मेरे कर्मचारी, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे और सभी लोग मतलबी है । कोई भी सही नहीं है क्या करूं ?*

*गुरु थोडा मुस्कुराये और उसे एक कहानी सुनाई।*

*एक गाँव में एक विशेष कमरा था जिसमे १००० शीशे लगे थे । एक छोटी लड़की उस कमरे में गई और खेलने लगी । उसने देखा १००० बच्चे उसके साथ खेल रहे है और वो उन प्रतिबिम्ब बच्चो के साथ खुश रहने लगी । जैसे ही वो अपने हाथ से ताली बजाती सभी बच्चे उसके साथ ताली बजाते । उसने सोचा यह दुनिया की सबसे अच्छी जगह है और यहां बार बार आना चाहेगी ।*

*थोड़ी देर बाद इसी जगह पर एक उदास आदमी कहीं से आया । उसने अपने चारो तरफ हजारों दु:ख से भरे चेहरे देखे । वह बहुत दु:खी हुआ । उसने हाथ उठा कर सभी को धक्का लगाकर हटाना चाहा तो उसने देखा हजारों हाथ उसे धक्का मार रहे है ।उसने कहा यह दुनिया की सबसे खराब जगह है वह यहां दोबारा कभी नहीं आएगा और उसने वो जगह छोड़ दी ।*

*इसी तरह यह दुनिया एक कमरा है जिसमें हजारों शीशे लगे है । जो कुछ भी हमारे अंदर भरा होता है वो ही प्रकृति हमें लौटा देती है ।*

*अपने मन और दिल को साफ़ रखें तब यह दुनिया आपके लिए स्वर्ग समान तरह ही है ।*



जय जिनेन्द्र

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