Sunday, May 12, 2019

माँ मेरी।माँ

माँ स्त्रीलिंग नहीं पुल्लिंग भी होती है
क्योंकि देखा है मैने पिता को मां
बनते हुये
जन्म देकर बहन नवजात
व तीन बरस की थी ,मैं..
ईश्वर को प्यारी हो गई जननि
माँ बोलना कभी आया नहीं रहापिता का साया ही
मां की कल्पना भी न की
देखा है पिता को माँ बनते
बच्चों को पालते पोसते
सारी शि़क्षायें माँ बनकर दी
जो बताना नामुमकिन था
वो क़रीबी महिला रिश्तों से दिलवाई
जो चोट हमें लगती वो दर्द उन्हें हुआ
लोरी गाकर सुलाने का उपक्रम भी किया
दिन में धनोपार्जन तो
शाम घर पर बच्चों पर ध्यानाकर्ष भी किया
हमारे लिये जिये हमारे लिये रहे
पुनर्विवाह  भी नहीं किया
नारी की हर कला में पारंगत किया
पुरुषोचित कार्यों का परिचय भी दिया 
एेसे थे मेरे पिता
माँ का फ़र्ज़ अदा किया
तो बताओ कैसे न कंहूं कि पिता
माँ भी बन जाता है कभी कभी
माँ की याद नहीं आई कभी ...

पुल्लिंग माताओं कोभी मेरा नमन🙏🙏
कुसुम सोगानी

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