ये किस्सा है सन,19 81 ,82 का।तब पहली बार मुझे एक राजनेता से मिलने का सु अवसर प्राप्त हुआ था।ताई तो जब सेवाभावी करता के रूप में ही रही होंगी,और आज लोकसभा सांसद की अध्यक्ष।बहुत फक्र होता है आज ,की कैसे ताई सहज ही मुझसे मिलने आ गई थी ,मेरे निवास स्थान न्यू पलासिया पर।उस वर्ष मैने भी लायनेस क्लब इंदौर वेस्ट का कार्य भार सम्हाल रखा था।जोकि एक सेवा भावी संस्था है।स्व, इंदिराजी गांधी के असामयिक अवसान के बाद हमारे इंदौर शहर में बड़े दंगे हुए थे।बहुत खराब माहौल हो गया था।सिक्खों के घर जला दिए गए थे।बहुत से परिवार बेघर हो गए थे।l,I,g,,,,m,I,g, colony के घर अग्नि को स्वाहा हुए थे।तब ताई मेरे घर पर आई और मुझसे गुजारिश की ,तुम चलो,देखो,उन परिवारों का सब कुछ खत्म हो गया है।हमे उनकी मदद करना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि हमे उन परिवार की महिलाओ को सिलाई मशीने देना चाहते हैं ताकि वो अपने परिवारों को खुशहाल बना सके।मैं ताई के साथ उन आग में स्वाहा घरों को देखने गई।आज भी वो सीन पूरा मेरी आँखों मे चल चित्र के सामने घूम जाता है,और रोंगटे खड़े हो जाते हैं,।हमने तुरन्त ही निर्णय लिया और 4,5 सिलाई मशीन सदस्यों ने मिलकर दी।मुझे बहुत ही सन्तुष्टि रहती है कि सच मे मैंने ज़िन्दगी में कुछ नेक कार्य कर पाई।उसके बाद से तो एक सिलसिला चला, प्रतिवर्ष किसी न किसी जरूरतमंद महिला को व्यक्तिगत रूप से सिलाई मशीन देने का मिशन बन गया।
स्वच्छता अभियान में भी ताई के साथ जुड़ने का मौका मिला।30 भिन्न 2 कॉलोनी में जाकर सफाई की आवाज़ भी उठाई।ताई ने भी मंच से व्यक्तिगत रूपसे,तथा लायनेस सेवाभावी संस्था का नाम लेकर सम्मानित किया।बस ऐसे ही यह छोटीसी ज़िन्दगी में मौके मिले ,और कार्य होता गया।
वैसे समाचार पत्रों में राज नेताओ की कार्य प्रणाली देखकर ,उनके अच्छे बुरे कार्यो पर विश्वास नही होता।मन नही होता कि राजनेताओं के लफडों में पड़ना चाहिए।किन्तु एक सही नेता चुनने का अधिकार जब दिया है तो स्वयम के मन की आवाज़ सुनकर,सिर्फ देश की सेवा को ही सर्वोपरि मानने वाले राज नेता को गद्दी के कर्तव्यभार सौंपना चाहिए।
अंत मे आपतो पढ़े लिखे हैं, अवश्य मतदान का उपयोग करेंगे,पर अन्यो को भी इस नेक कार्य करने की सद्बुद्धि दें।
जय हिंद।जय भारत
🙏प्रभा जैन,इंदौर।🙏
क्टिविधि की फ़ोटो भी सलंग्न है

No comments:
Post a Comment