Sunday, June 21, 2020

पित्रदिवस

पितृदिवस 
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 हर पल प्रहर गुजर करके 
दिन , महीनें,  वर्ष हैं बने 
तब पर्वों का पर्व आए 
विश्व ' पितृदिवस ' कहलाए .
पितृ दिवस  पर होता हर्ष 
  विश्व पिताओं को देती
    अनंत हार्दिक बधाई 
     मनाते इसको हर वर्ष .
पिता पालक - जनक  बनकर 
जीवन को जीवन देते 
शुभचिंतक , दोस्त , सखा - से 
सुखों की बौछार करते .
 हैं वात्सल्य स्वरूप की खान 
 दुखहर्ता - सुखहर्ता  है नाम
  बन परिवार की रक्षा ढाल
 नहीं आने देते आँच .
गुरु , शिक्षक , मार्गदर्शक बन 
न्यौछावर रहता तन - मन 
जग का हलाहल का करके पान 
तोडें दुखों की चट्टान .
  दिव्य विचारों - सा सदा उर 
  नीति  की छाया बनकर
 हर कदम   कर्मभूमि पर 
 देदीप्यमान - सा जग कर . 
परमार्थ - परोपकार - से 
 करते सामाजिक काम 
देश - प्रेम के रंग भरे 
रंगते  संतति का  ज्ञान . 
 विष बाधाओं का कर संहार 
   बना के  दुःख   कंटक  हार 
  करते जीवनक्रम सकाम 
  ऐसे पिता सदा महान . 
मिटाते जीवन की थकान 
देते मंजिल को मुकाम 
हर धड़कन में उनका वास 
करे ' मंजू ' उन्हें प्रणाम .
 डॉ मंजु गुप्ता 
वाशी , नवी मुंबई

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