Sunday, June 21, 2020

मेरे पिताश्री



     मेरे बाबूजी 
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आप ,आप मेरे लिए क्या हो ?
सबकुछ!
शब्दों में जिसे बांधा ना जा सके 
वह खुशबू !
जिसे हवा का रुख भी ना रोक सके रोशनी की वह किरण !
जिसने मुझे उजाला दिया 
शक्ति का वह प्रतिबिंब!
जिसने मुझे जीना सिखाया 
वह आपका स्नेह !
जिसने सही पथ पर चलना सिखाया आपके मौन ने दिया है हमें बहुत कुछ सीखा है हमने सहना 
बस चलते ही रहना 
कर्म करते ही रहना 
सीखा है आपसे हमने 
दुख सह कर खुशी को 
कैसे बाँटा जाता है 

आप हमारे बीच नहीं हैं पर हमारे दिलों पर हमेशा राज करेंगे। मेरे बाबूजी को शत् शत् नमन.......
*उषा गुप्ता 

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