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मेरे पिता मेरे लिए गुरु रहे हैं।
उनके पद चिन्हों पर ही चलकर
जिन्दगी की राह आसान की।
उनके संस्कार उनके उच्च विचार
को आत्मसात किया है जिवन मे।
पिता बच्चों के लिए उपर से कठोर पर अन्दर से एक प्यारा सा दिल रखते हे।
आज मैं पित्र दिवस पर मेरे पिता को ये सन्देश पहुंचाना चाहती हू कि
पापा आप मुझे हमेशा कहते थे कि बेटा जिन्दगी में खुश रहना हो तो मेरे ये शब्द याद रखना।
Thinks can never go badly wrong.
If the heart is pure and long be strong.
दुसरी बात हमेशा ये कहते थे कि
छोड दे शरीर की चिंता को
मत कर किसी की आश
तेरा राम(भगवान्) तो जिन्दा है
उस राम को हमेशा याद रखना
सुख दुख में हमेशा वो ही तुम्हारे
साथ रहेगा
तो हा पापा आपके संस्कार आपके शब्द आपके विचार को
मेने अपने अन्दर आत्मसात कर रखा हे मे भूली नहीं हू।
आप जहा भी हो आपका आशीर्वाद बना रहे। आपको
शत शत नमन। 🙏
आपकी बेटी
* प्रभा तिवारी
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