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तुम चले गए,,,,
ये कहकर कि आता हूं,,,मां बुला रही है,,
मेंहदी ने हंस के विदा दी,,,
बिंदिया ने शर्मा कर तुम्हारी ठोड़ी को स्पर्श किया,,,
होंठों ने भीगे भीगे मन से तुम्हे छुआ
हांथों ने आलिंगन संकोच से किया,,
तुम चले गए,,,मेरा मुस्कुराना शायद तुम्हे सबल बनाये,,,यही सोचकर,,,बस यही सोच कर,,,
गीली आंखों और हंसते होठों से बिदा किया,,,,
सब तो किया था,पूजा भी की,,,,
तुम आये भी तो किस तरह,,,,
जैसे एक झोंका आये,,,
जैसे खुशबू आये
जैसे खबर आए
मां इतनी प्यारी लगी,,,
तुम्हे गोद में ही ले लिया,,,,
सच है,,,क्यों न ले,,,
निछावर जो हो गए तुम उसपर
लाज जो बचा ली तुमने उसकी,,,
अब गर्व है मुझे,,,
बिनती है उस ईश से
सबको दे तुम्हारे सा
बेटा,,, और मेरे प्राण प्यारे सा पति,,,,
तुम्हे प्रणाम है।।।।।
*माया कौल
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