"प्यार एहसास का"
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हमें भी इश्क की कोई जल्दी
नहीं थी।
मगर आप के हुस्न ने हमें मजबूर
करादिया।
कुछ इस तरह हैम उन्हें प्यार
करने लगे कि, जिंदगी भी उन के कदमों पर महोब्बत बरसाने लगी।
तेरी आँखों की मदहोशी में हम जी
रहे है।
है बड़ा दिलनशीं प्यार का ए
सिलसिला।
मेरे दिल को है, तेरे दिल से मिला,
तुम मुझे बस युंही प्यार करते रहो,
बस युंही।
दिल से तेरी मेरी बातें होने दो,
दिल में मेरे जलाकर मोहोब्बत का दीप,
तुम ने उम्मीद को करादिया दुगना।
दीप को बुझाने न देना कभी,
जलाते रहो, जलाते रहो,
जलाते रहो।
तुम्हे भूल पाऊं कभी,
वो पल वक्त की कोख में नहीं ।
धडकनों की अनगिनत जुगनू,
लम्हा, लम्हा तुझ को याद
करता है।
नया इतिहास बनाएंगे हमारे प्यार का दास्तान ,
लैला मजनू की कहानी दोहराएंगे।।
राचेयिता:
*डॉ.सरोजिनि. भद्रापूर. पुणे. महाराष्ट्र.
मो नं 9480325033.
Email:
Sarojinibhadrapur@gmail
.Com
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