Wednesday, April 15, 2020

जब से लाकडाऊन हुआ मुझ जैसी कई मां को बहाना मिल गया की अपनी बड़ी होती बिटीया को घर में , घर का ही व्यंजन बनाना सिखाया जाए , ।

 क्यों की वैसे तो हम जैसे मध्यम घर परिवार की बहू बेटियां सभी कार्य कुशल पूर्वक कर लेती है‌। फिर भी अभी कि इस पिढी को ZOOMETO.. UBAR EAT. , SWEEGY ,

 ने एक फोन पर सब उपलब्ध करवा कर‌ ,आलसी बना दिया था , पर अब कुछ खाने की चाह में सब बनाना सिख रही ,

पहले मैं बोलती थी तो अरे मम्मा मार्केट में सब मिलता है , अब तो मार्केट भी बंद ,जब मैं कुछ बनाने बैठती और बुलाती की आकर सिख लो, तो बोलती, U Tube पर सब है देख कर बना लेंगे, अब अगर ऐसे समय में NET भी बंद हो जाए

तो फिर कौन सा U Tube , । !!! इसलिए घर‌ मे रहकर घर में बनने वाले हर व्यंजन को सिखना अब तो अनिवार्य हो

गया है । और शायद ये मेरे जैसी सभी महिलाओं के साथ हो रहा है , । अगर हमको खुद सभी स्वादिष्ट व्यंजन बनना

आता है तो ऐसे समय में भी किसी पर आश्रित ना होकर खुद भी खाए और औरौ को भी खिला सकते हैं ।।

 इस कोरोना से जहां किसी के लिए नुकसान है तो किसी को फायदा , पर्यावरण, नदीयां सब साफ़ हो गए ।‌.

 कम सामान‌ में गुजारा, मन जैसे शांत हो गया , ।


*बिन्दु मेहता.....🙏🏻🙏🏻

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