*सच्ची खुशी*
यूं तो गरीबी और भूख का चोली दामन का साथ है,लेकिन इस देश की बदकिस्मती ये ये किसी को नजर नहीं आती है आज कितने ही किसान भूख ओर गरीबी से बेहाल होकर शहर आने पर मजबूर होते हैं
एक किसान भूख ओर गरीबी से तंग आकर गांव से शहर की ओर पलायन करता है,यहां भी समुचित सुविधा ना मिल पाने की स्थिति में वो एक जगह चौकीदारी का काम पकड़ लेता है,आखिर में उसे अपने परिवार का पेट तो भरना है , जैसे तैसे उसका काम चल रहा था वो और उसका परिवार मजदूरी का काम उसी जगह पर करने लगा, आज के जो हालत है उनके चलते ना उसको मजदूरी मिल रही है,ओर जो नगरनिगम से को मदद मिलनी चाहिए वो भी नहीं मिल पा रही है,
मेरे बेटे का इसी माह जन्मदिन था,उसने कहा मम्मी आप जो मेरे जन्मदिन पर गिफ्ट देने वाली हो वो मेरे को नहीं चाहिए आप वो पैसे चौकीदार भैया को दे दें,उनका पूरा परिवार का पेट भरेगा महीने भर...मेरे पास सभी तो कुछ है,उसकी संवेदना देखकर मेरा दिल भर आया,मैने कहा मै वैसे ही उसकी मदद कर देती हूं, उसने कहा मम्मी आप मेरी बात मान लीजिए,आप ज्यादा मात्रा में खाना बनायेगा ,मैने उसके कहे अनुसार अच्छे पकवान ओर पैसे उसको दे दिए,बेटे ने चौकीदार के घर जाकर जब ये सब सामान दिया तो उन लोगों की आंखें खुशी से भर आई, घर आकर उसने मेरे को सब बात बताई और कहने लगा मम्मी आप उनकी मदद तो कर देती पर मेरे को उन सभी की खुशी देखने में जो आंनद की प्राप्ति हुई है वो नहीं हो पाती....ये जन्मदिन मेरे को हमेशा याद रहेगा..... बच्चे की संवेनशीलता देखकर दिल गदगद हो गया मेरा....
*पूनम शर्मा
*पूनम शर्मा

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