डा अम्बेडकर जयंती पर
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शुभसंकल्प का ऑनलाइन
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गीत ,गजल कार्यक्रम संपन्न
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"उजाले अपनी यादो के
हमारे पास
रहने दो,ना जाने किस गली मे
जिंदगी की शाम हो जए"
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लाक डाऊन के तले घर के अन्दर बेठे-ठाए रचनाकारो के लिय शुभसंकल्प समूह द्वारा ओनलाईन शेर,शायरी ,गीत ,गजल का कार्यक्रम संपन्न्ं हुआ विषय था "स्वर्ग नर्क" यह कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से सरस्वती वंदना से प्रारम्भ हुआ तो देर रात तक चलता रहा।
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शुभसंकल्प समूह की निर्देशक डा सुनीता श्रीवास्तव ने बताया की इंदौर के आलावा बहार के रचनाकारो ने भी इस कार्यक्रम में गर्मजोशी से हिस्सा लिया।प्रतिभागियो में शारदा मिश्रा ने कहा -
"स्वर्ग नर्क कुछ भी नही ,
शब्दो का मायाजाल।
सुख मिल जाए स्वर्ग हैं
दुख हैं नर्क समान"
अचला गुप्ता ने बया किया-
"स्वर्ग वही ,जिस घर में होता
बुजुर्ग मात पिता का सम्मान"
पूनम शर्मा ने कुछ इस तरह से बोला -
"मेरी नजर मे स्वर्ग और नर्क
इसी दुनिया में हैं
क्योकी जो देखा नही इन आखो से.."
शोभा तिवारी ने कहा-
"मातभूमि तुमको नमन
वंदे मातरम्
देश की धडकने हैं..."
अनुराधा विसावाडिया -
" हो महामारी की फेलना
या लम्बी बिमारी की लाचारी
यही नर्क हैं...."
मनोरमा जोशीने कहा-
"स्वर्ग और नर्क
कर्मो की है माया नगरी.."
उषा गुप्ता -
"स्वर्गनर्क ढूढे बंदा
दोनो हाथ और आखे
ऊपर करके,
तेरे कर्मो पर टिका है ये.."
प्रभा जैन -
"सुख मानो तो स्वर्ग हैं
बस लेते आना चाहिय.."
वंदना अर्गल-
"अछ्छे कर्मो से ही होती
पह्चान स्वर्ग की.."
रीता जैन-
सबसे बड़ी सौगात हैं जीवन
नदा हैं जो जीवन से हारे,,"
कुंदन पाटिल-
जीवन मेरा उपभोगतवादी
कर्म मेरे नर्क के द्वार
चाह मन में स्वर्ग प्राप्ति.."
बीना सिंग-
कभी यह सोचा भी नही था
मंजर तबाही का भी होगा
सोचा भी नही था .."
शारदा गुप्ता-
तू क्यो नही आया रे
नदी का वीरा .."
मनी टेगो--
"सब निकले हैं स्वर्ग की तलाश में
कोई कसर नही छोडी
अपने प्रयास में.."
राजेश -
"लोग उलझे हैं तमाम रिश्तो मे बेफिजूल
खुद को प्त नही...के खुद से वास्ता क्या हैं "
सुरेन्द्र सिंग राजपूत -
बोलना और प्रतिक्रिया करना जरुरी है
लेकिन सयम और सभ्यता का दामन.."
सुनीता सक्सेना -
"मेरा क्या हैं जिंदगी
जीरो से शुरू हुई हो
जीरो पे खत्म हो जाऊगी.."
सरला मेहता -
"आसा नही सफर जिन्दगी का
ख्बाब जन्नत के आने लगे हैं."
ममता बड़जात्या -
"रोज रोज जलते है फिर भी खाक न हुय
अजीब हैं कुछ ख्बाब भी राख नही हुय"
मनी टेगो-
सब निकले हैं स्वर्ग की तलाश मे
कोई कसर नही छोडी अपने प्रयास में..
इस कार्यकम में शारदा गुप्ता,मन्जू गुप्ता मुबई , रिता जैन ,प्रभा जैन ,अचला गुप्ता ,पूनम शर्मा ,मनोरमा जोशी,सुषमा शुक्ला , वन्दना अर्गल देवास,अनुराधा विसावाडिया ,कुंदन पाटिल देवास ,सुरेखा भारती ,शोभा तिवारी,ममता बड़जात्या ,हिमानी भट्ट ,राजेश ,बीना सिंग जयपुर,सरला मेहता ,मनी टेगो,श्वेता बडजात्या,सत्यप्रका ठ ाकुर ,मानवेंद्र नारायणि माया ,मनीष तिवारी ,सरला मेहता ने वाचन किया ,कार्यक्रम का संचालन सत्य प्रकाश ठाकुर ने किया,चिन्मय श्रीवास्तव ने आभार माना, निर्देशन संकल्प ने किया।
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शुभसंकल्प का ऑनलाइन
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गीत ,गजल कार्यक्रम संपन्न
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"उजाले अपनी यादो के
हमारे पास
रहने दो,ना जाने किस गली मे
जिंदगी की शाम हो जए"
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लाक डाऊन के तले घर के अन्दर बेठे-ठाए रचनाकारो के लिय शुभसंकल्प समूह द्वारा ओनलाईन शेर,शायरी ,गीत ,गजल का कार्यक्रम संपन्न्ं हुआ विषय था "स्वर्ग नर्क" यह कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से सरस्वती वंदना से प्रारम्भ हुआ तो देर रात तक चलता रहा।
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