Saturday, April 18, 2020

--बेखुद


 मेरी अपने जब तुमसे  प्यार किया जब तुम कुछ समझते ही नहीं थे मुझे,

 तुम्हारा अल्लहड़पन ना समझी या बेगानापन, पता नहीं क्या था, पर मेने तुमसे बहुत प्यार


किया,तुम्हे इजहार भी किया, वो भी वक्त जब तुम्हारे पास न पैसा था ,न पद न प्रतिष्ठा ही थी,


 तुम मेरी मोहब्बत को समझ ही न सके या समझना ही न चाहा, जब एक औरत किसी से प्यार करती हैं, तो उस पर

दिलों जान से करती है। मैंने भी तो वही किया । पर तुम मुझे व मेरी मोहब्बत को न समझ सके,। तुम मुझे ऐसे ही

छोड़कर चले गए कहा पता नहीं, क्योंकि तुम्हारे पास वो प्यार करने वाला दिल ही नहीं था। जो किसी की मोहब्बत को

समझ सकता , या कोई मजबूरी भी हो सकती हो , पर बताते तो, मैं भी जानना चाहती थी तुम्हारी मजबूरी या बेवफाई।


 और आज जब मेरे पास एक प्यारा परिवार पद व प्रतिष्ठा सब कुछ है , तो तुम आ गए मुझसे प्यार जताने


, मना करने पर मुझे बरबाद व बदनाम करने, पर अब तो मैं तुम्हारी परवाह ही नहीं करती हूं,


क्योंकि अब तुम मेरा बिगाड़ ही क्या

 सकते हो, जब तुम मेरी मोहब्बत को न समझ सके , अब अपनी बेवफाई व बेखुदी को तो समझो , कम से कम ।🙏💐




 नीलू सक्सेना देवास🙏💐

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