हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाऐ।
हनुमान जी हमेशा से ही संकट मोचन रहे हैं मेरे लिए बचपन से ही घर मे धार्मिक माहौल देखा है।
म्ममी,पापा, भाई,बहन ,दादी सभी की ईश्वर में बहुत आस्था है। मम्मी की भजन मंडली थी, सो हर मंगलवार को
सुंदरकांड का पाठ होता था।हनुमानजी के प्रति आस्था,भक्क्ति बचपन से लेकर आजतक कायम है।हनुमान चालीसा एवं
सुंदरकांड का पाठ मंगल एवं शनिवार को। करके आत्मबल,आत्मिक शांति का अहसास होता है।जब भी कोई संकट या
उलझन होती है हनुमानजी का स्मरण करती हूँ। मेरा हर कार्य उनकी कृपा से सफल हो जाते हैं।हनुमान चालीसा का
पाठ
हमारी न ई पीढी़ को अवश्य ही करना चाहिये। हर घर मे संस्कार की ,धर्म के प्रति आस्था का बीजारोपण बचपन से ही
होना चाहिए। नासे रोग हरे सब पीडा़ जपत निरंतर हनुमत बीरा। श्री रामभक्त हनुमान सबको कोरोना संकट से उबारे यही
प्रार्थना है।
स्वरचित -- वंदना अर्गल।
हनुमान जी हमेशा से ही संकट मोचन रहे हैं मेरे लिए बचपन से ही घर मे धार्मिक माहौल देखा है।
म्ममी,पापा, भाई,बहन ,दादी सभी की ईश्वर में बहुत आस्था है। मम्मी की भजन मंडली थी, सो हर मंगलवार को
सुंदरकांड का पाठ होता था।हनुमानजी के प्रति आस्था,भक्क्ति बचपन से लेकर आजतक कायम है।हनुमान चालीसा एवं
सुंदरकांड का पाठ मंगल एवं शनिवार को। करके आत्मबल,आत्मिक शांति का अहसास होता है।जब भी कोई संकट या
उलझन होती है हनुमानजी का स्मरण करती हूँ। मेरा हर कार्य उनकी कृपा से सफल हो जाते हैं।हनुमान चालीसा का
पाठ
हमारी न ई पीढी़ को अवश्य ही करना चाहिये। हर घर मे संस्कार की ,धर्म के प्रति आस्था का बीजारोपण बचपन से ही
होना चाहिए। नासे रोग हरे सब पीडा़ जपत निरंतर हनुमत बीरा। श्री रामभक्त हनुमान सबको कोरोना संकट से उबारे यही
प्रार्थना है।
स्वरचित -- वंदना अर्गल।

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