। शुभ संकल्प
12 अप्रैल 2020
वार - रविवार
शीर्षक - भूख और गरीबी
भूख तो भूख होती है
ना गरीबी देखती है
ना
अमीरी सभी को लगती है भूख तो भूख होती है ।
हाँ,यह अलग बात है कि अमीर शानदार टेबल पर बैठ मजे ले ले कर खाता है
वही गरीब बेचारा सुबह से शाम तक कड़ी धूप में पसीना बहाकर घर लौटता है कुछ रुपयों के साथ जिससे तेल आटा
नमक आदि खरीदा जाता है गिली लकड़ियाँ सुलगा के कच्चा -पका खाना बनाया जाता है तब उन्हें रोटी नसीब होती है
भूख तो भूख होती है साहब गरीब अमीर सबको लगती है।
*स्वरचित उषा गुप्ता इंदौर
अमीरी सभी को लगती है भूख तो भूख होती है ।
हाँ,यह अलग बात है कि अमीर शानदार टेबल पर बैठ मजे ले ले कर खाता है
वही गरीब बेचारा सुबह से शाम तक कड़ी धूप में पसीना बहाकर घर लौटता है कुछ रुपयों के साथ जिससे तेल आटा
नमक आदि खरीदा जाता है गिली लकड़ियाँ सुलगा के कच्चा -पका खाना बनाया जाता है तब उन्हें रोटी नसीब होती है
भूख तो भूख होती है साहब गरीब अमीर सबको लगती है।
*स्वरचित उषा गुप्ता इंदौर

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