Thursday, April 9, 2020

संकट मोचन श्री हनुमान,मेरे बचपन की यादें,,,स्व रचित प्रभा जैन🙏🏻इंदौर श्री हनुमान हमारे हिन्दू धर्म के ऐसे जीवंत

पात्र है जो बचपन से आज तक प्रेरणा दे रहें।

सती अंजना पुत्र वीर हनुमान का जन्म आकाश मार्ग में हुआ,और आश्चर्य जैसे ही धरती पर अवतरित हुए वो शिला

उनके

गिरने से चूर चूर हो गई

।यह कहानी माँ सुनाया करती थी,जब बिजली चली जाती थी,और हम तीनों भाई बहनों को अंधेरे के डर से भगाती

थी,हिम्मत वान बनो,निडर शक्ति शाली बनो, लक्ष्मण जी के मूर्छित होने पर दूर दूर तक उड़ान भरते हुए जड़ीबूटी लाना

उनकी शक्तिऔर सेवा,जीवन दान का परिचय भी मुझमे सेवा की प्रेरणा देता रहा है 3,बचपन मे मेरे बड़े भैया दशहरे

उत्सव में कॉलोनी में हनुमान बने।उनके हनुमान का रोल मेरे जेहन में बसा हुआ है,जब वे श्री राम प्रभु की जीत के लिए

अपने सगे साथियों के साथ मिलजुल के वानर सेना बनाते है,शिला पूल का निर्माण कर अपनी संयुक्त ताकत को

आजमाते हुए निडर होकर युद्ध की तैयारी करते है।वो दृश्य तो कभी नही भूल ज़क्ति,कैसे भैय्या ने हनुमान का रोल

करके

सबके छक्के छुड़ा दिए।जब से उनकी बहुत बड़ी टीम बन गई कॉलोनी में और कोई भी कार्यक्रम होता टीम वर्क से

चुटकियों में प्रोजेक्ट सम्पन्न हो जाता।लीडरशिपऔर एकता का पाठ आज भी याद है और जीवन मे श्री हनुमानजी के

 व्यक्तित्व से प्रभावित हो अपने कार्य सफल करने की कोशिश करती हूँ

🙏🏻प्रभा जैन ,इंदौर

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