Saturday, April 18, 2020

*"मोहब्बत"* *दिल्लगी उसकी मुझको भाती नहीं है* ।


 *उसके बिना नींद मुझको आती नहीं है* । *


वो धड़कनों में मेरी समा गई है ऐसे* , *कि नज़रों से इक पल भी जाती नहीं है* ।


 *'मोहब्बत' मैं उससे करता हूँ बेपनाह* , *सांसें भी बिन उसके अब आती नहीं है* ।


 *नहीं रह सकूँगा मैं बिन उसके जहां में* , *कहाँ है वो क्यूँ अब तक आती नहीं है* ।


 *हर रोज़ भेजता हूँ मैं दिल की बातें* , *हवाओं से क्या वो पैग़ाम पाती नहीं है* ।

 *ये इश्क़ का कैसा बुख़ार है 'हमसफ़र'*, *दवा इसपे कोई क्यूँ काम आती नहीं है* । -


- *सुरेन्द्र सिंह राजपूत 'हमसफ़र'* *


देवास मध्यप्रदेश*

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