जय हनुमान,हमारे हनुमान
बचपन से ही सुना है कि श्री हनुमान जी ही ऐसे देवता हैं जो दिल से पुकारने पर साक्षात उपस्थित हो जाते हैं।
आज भी हमने घर पर हनुमान चालीसा का 108 बार जाप किया। यह प्रार्थना की कि आपने तो आग के गोले सूर्य को ही मुंह में समा लिया था।
आज यह कोरोना रुपी महादैत्य सम्पूर्ण विश्व को आतंकित कर रहा है
।हे पवनपुत्र महावीर पुनः आओ और इस घातक वायरसको भस्म कर दो।
आपने ही तो पूरी लंका को जला दिया था।
"नासे रोग मिटे सब पीड़ा
जपत निरन्तर हनुमत वीरा"
"दुर्गम काज जगत के जेते
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते "
"संकट कटे मिटे सब पीरा
जो सुमरे हनुमत बलबीरा"
कभी बचपन में हम परीक्षा के समय हनुमान चालीसा अपने पास रखते थे।
डर लगने पर अंजलि सुत का नाम जप सुकून पाते थे।
वैसे ही प्रभु आप हमारी सहायता कर रक्षा करो।
* सरला मेहता

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