Saturday, April 18, 2020

मोहब्बत आंखों से आंखें मिली थी, जब तुम मुस्कुराई थी ,


दिल में तूफान मचा था , जब करीब आई थी,


 जिंदगी भर साथ रहने , विवाह के बंधन में बंध गए , बाहों में भर लिया तुझे


 , और तू शरमाई थी ।



मोहब्बत नि. शब्द है , उसका कोई मोल नहीं , प्रेम समर्पण है,त्याग है, उसमें कोई स्वार्थ नहीं , प्रेम संस्कार है ,



 प्रेम एक विचार है , यथार्थ की अनुभूति है , होता उसका व्यापार नहीं ।



 श्रीमती शोभा रानी तिवारी, 619 आकर्षण अपार्टमेंट ,

खातीवाला टैंक इंदौर मध्य प्रदेश, मोबाइल 89894 09210

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