Thursday, May 28, 2020

अर्चना चौरे
*चिड़िया का संदेश*


: प्रातः काल की मधुर बेला में चिड़ियों ने जब अपना मुंह खोला मधुर मधुर चली पुरवाई इतराता मस्ताता पत्ता डोला

 धन्यवाद मानो देते ये सब को सुबह-सुबह की बेला जो लाये कहती जाती सोते बच्चों से जो जागे वह सब पाय सोने से

सोना नहीं मिलता काम से ही सूर्य निकलता चलो उठो ,उठाओ बस्ता स्कूल का देखो रास्ता जल्दी उठकर कर्म जो करता

मीठा फल वही है चखता फुदकती चिड़िया देती संदेश उठो जागो बदला परिवेश


 *अर्चना चौरे*
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