Sunday, May 17, 2020

आप सभी को परिवार दिवस की शुभकामनाएं


💐💐 स्वरचित पारिवारिक रचना एक तरफ पुराने जमाने के किस्से सुनाए जाते है, एक और पुराने नगमे सुनाए जाते है।


जल्दी ही रूठते हैं जल्दी ही मान जाते हैं । थोड़ा प्यार थोड़ी फिकर से एक दूसरे को दवा खिलाते है। एक और नफे



नुकसान की बाते चलती रहती है, ये कर लेंगे वो कर लेंगे सबके भविष्य की चिंता लगी रहती है। सबकी जरूरतों की



लिस्ट बनती रहती है। हर एक कि पूर्ति के लिए एक मशीन चलती रहती हैं। एक ओर रंग और कुची से केनवास सजाए


जाते हैं, एक और इतिहास लिख लिखकर, इतिहास बनाये जाते है, अपने अपने सपनो की महफिले सजाया करते हैं।


 एक ओर रसोई में कुछ कुछ गुनगुनाती है, वही नृत्य करती हुई पायल छन छनाती है, कलम लेकर कागज पर अरमान


अपने रचती है, एक छोटे से घर मे 'कविता' कितनी दुनियाएं बसती है...




 कविता सक्सेना शुजालपुर 15-05-2020

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