Saturday, May 9, 2020

आप सभी गुणीजनों को सादर नमस्कार करती हूं ।

प्रस्तुत है आपके समक्ष मेरी यह रचना,

जिसका शीर्षक है- *"मां को नमन* शत-शत नमन करें हम मां को, जिसने यह संसार दिखाया, हाथ जोड़कर करें वंदना,

चलना जिसने हमें सिखाया, शत-शत नमन करें हम मां को, जिसने सुख-दुख का भान कराया, प्रथम गुरु कहलाती वह


तो, जिसने ज्ञान का अलख जगाया, शत-शत नमन करें हम मां को, अपने आंचल में जिसने छुपाया, सारी दुनिया से लड़

कर भी, खुद दुख सह कर हमें बचाया, ममता की छांव में रखा सदा ही, जीवन जीने योग्य बनाया, शत शत नमन करें हम

मां को, मुश्किल घड़ी में हमको उबारा, रखती सदा आशीष का साया, जीवन है कर्जदार हमारा, जिसका हमने न मोल

चुकाया, शत-शत नमन करें हम मां को, जिसने यह संसार दिखाया।

 स्वरचित सुश्री हेमलता शर्मा 'भोली बैन' राजेंद्र नगर, इंदौर

No comments:

Post a Comment

Featured Post

हिंदी पखवाड़े पर इंदौर संघ लेखिकाओ के पसंदीदा पुस्तकों पर विचार

एक सच्चा रिश्ता एक अच्छी किताब की तराहा होता है,  कितनी भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते, रास्ते बहुत मिलेंगे भटकाने के लिए, लेकिन स...