Saturday, May 9, 2020

ममतामयी मूरत तेरी सीरत लिख दु,


क्यों न माँ आज तुझे ये खत लिख दु..


 तुझसे ही मायके की रौनक है लिख दु,


क्यों न माँ आज तुझे ये खत लिख दु....

 स्याही के संग छलक रहे ये अश्क लिख दु,

क्यो न माँ आज तुझे ये खत लिख दु..

 तेरी लड़खड़ाती जुबा के पूरे शब्द लिख दु,

 क्यों न माँ आज तुझे ये खत लिख दु..

.. तेरे आँचल में जो हैं सारा सुकून लिख दु, क्यों न माँ आज तुझे ये खत लिख दु...

. बच्चों के लिए तेरा त्याग समर्पण लिख दु, क्यो न माँ आज तुझे ये खत लिख दु.....

 कविता सक्सेना शुजालपुर

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