सत्य की पहचान
शाश्वत सत्य हां मानव का
आना और जाना है
काल के आगे नहीं चलता
किसी का कोई बहाना है
आसींद ख्वाइशों को हम
पूरी करते करते
सुबह शाम और दिन रात
हम घटते रहते
पता ही नहीं चला उम्र
कैसे निकल जाता है
रेत की भांति मुट्ठी से
फिसल जाता है
शाश्वत सत्य यहां मानव
का आना और जाना है
काल के आगे नहीं चलता
किसी का कोई बहाना है
राग देस सिरसिया अकड़
से हम भरे रहते हैं
जुबा से ऊंच-नीच सत्य असत्य
ना जाने हम क्या क्या कहते हैं
चार दिन की जिंदगी मिली
है हमें सौगात में
फिर भी हम रहते अपनी
दिखावे की औकात में
मनुष्य और मनुष्यता को
हमने कभी पहचाना है
शाश्वत सत्य यहां मानव
का आना और जाना है
काल की आगे नहीं चलता
किसी का कोई बहाना है
अजर अमर जहां वही हो जाते हैं
जो खुद के संग और के लिए
जी जाते हैं
याद करती है दुनिया उनको
फिर बसाती है दुनिया उनको
वरना एक दिन तो सभी को
धू धू कर जल जाना है
शाश्वत सत्य हां मानव का
आना और जाना है
कॉल के आगे नहीं चलता
किसी का कोई बहाना है
👉 डॉ बीना सिंह छत्तीसगढ़ सर्वाधिक सुरक्षित
👉 डॉ बीना सिंह छत्तीसगढ़ सर्वाधिक सुरक्षित

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