Tuesday, May 26, 2020

अति प्रिय प्रभु, सादर वंदन, प्रभा का सादर नमन के साथ ,

प्रभु आपकी जय हो,🙏🏻आज मुझे बहुत प्रसन्नता है कि ,


,आप मेरा पत्र पढोगे और मुझे उत्तर के रूप में आशीर्वाद देंगे,,


 प्रभु कभी कभी मुझे लगता है कि,,आप तो कण कण में है फिर भी मेरी हर


आशा पूरी क्यों नहीं करते🙏🏻मेरी कोई अज्ञानता वश त्रुटि हुई क्या? मैं कुछ समझ नही पा रही

🙏🏻,प्रभु ने दिव्य ध्वनि से मेरे पत्र का उत्तर दिया,


,,मैं समझ गई आपकी सारी बात आप ये आधुनिक जमाने के WIFI जैसे है,


,आपने मुझे सही पास वर्ड चुनकर जुड़ने का सन्देश दिया,,, आपने येभी बताया


 ,ये पासवर्ड है " स्वानुभूति",,,स्व की अनुभूति,,आपकी यह बात भी बहुत सत्य लगी कि


,हम बच्चे हमारा दिल साफ रखें ,तो हमेशा आपके खास रहेंगे।आपने हमारी हर सुप्रभात शुभ ,


मंगलमय रहे ,मुसकान बिखेरती हुई हो ऐसा आशीर्वाद दिया,,प्रभु आपकी हर बात मुझे मान्य रहेगी,सर आंखों पर


रखूंगी,,,क्योंकि मैं सचमुच में सुख शांति चाहती हूँ।🙏🏻प्रभु आप मुझे सदैव सु पथ दिखाते रहुन,मैं उसी पर चलना चाहती
हूं🙏🏻मुझे सदा सद्बुद्धि देते रहें प्रभु आप,,बारम्बार सादर नमन आपको🙏🏻



* प्रभा जैन इंदौर🎊

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