Tuesday, May 26, 2020

पत्र "संस्था के अध्यक्ष को नाम"


 आदरणीया क्लब अध्यक्षा (सुनिता श्रीवास्तव) स्नेह भरा नमस्कार कुशलता के उपरांत

कुशलता की कामना करती हूँ आप इसे चिट्ठी या पत्र न समझे इसमें मेरे भावों की बगिया लहलहाती है आपने इस संस्था


का अनुठे अंदाज में गठन करके नारी के मन के भावों को प्रकट करने का एक अद्भुत मंच प्रदान किया है आपने



महिलाओं के वर्चस्व स्वीकार कर इनमें छुपी प्रतिभाओ को निखारने हेतू संस्था की स्थापना कर समाज सेवा का का कार्य


 किया है क्योंकि साहित्य समाज का दर्पण होता है आप एक सरल, सौम्य व्यक्तित्व की धनी है अनेकानेक गुणों का


समावेश आपके व्यक्तित्व में है आपको शब्दों समेटना असम्भव लगता है फिर भी लिखने को मन करता है आप एक


कर्मठ एंव आपकी नेतृत्व कला ने आपके पथ को अनुकरणीय बनाया है आपने यह सिद्ध कर दिखाया कि महिला सिर्फ


गपशप की गलियारी ही नहीं वरन् प्रबंधन के क्षेत्र में श्रेष्ठ हैं आप स्नेहिल, कर्मशील कुशाग्र बुद्धि एंव सबको साथ लेकर

चलना की अद्भुत विशेषता है आपने नारी शक्ति को सार्थक किया है आपकी जादुई लेखनी एंव ओजस्वी वाणी में

अनोखा माधुर्य सा सम्मोहन है ईश्वर से प्रार्थना है आप निरंतर गतिशील रहें एंव हमारा मार्गदर्शन करती रहें आपके

उज्जवल भविष्य के लिये प्रभु से प्रार्थना करती हूँ


 आपकी अपनी मधु टाक [इन्दौर ]

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