इंतजार
सरला को गर्मी की छुट्टियों का बेसब्री से इंतजार रहता ।आठ दस दिनों के लिए मायके जाकर मां ,बाबूजी के साथ रहने का सुख मिल जाता।पर इन दिनों बाबूजी के खराब स्वास्थ्य और मां की कमजोरी के कारण भाई उन्हें अपने साथ लिवा गया था।भाभी भी उनकी अच्छी तरह देखभाल कर रही थी।
सरला ने सोचा कि भाई को अपने आने की पूर्वसूचना दे दूं।मोबाइल पर भाई की आवाज में कुछ बदलाव महसूस हुआ ' अरे दीदी अभी तो बाबूजी ठीक हैं ।आप अगले महीने आएं तो बेहतर होगा'। सरला कुछ कहने ही जा रही थी कि भाभी की आवाज सुनाई दी ' देखो जी ,मैं आपके मां ,बाबूजी की सेवा तो कर लूंगी पर आपके खानदान का ठेका नही ले रखा है ' ।
सरला के चेहरे का रंग उदासी के कारण उड़ने लगा।वह धम से फर्श पर बैठ गयी।
मां ,बाबूजी से मिलने के लिए अब उसे भाई ,भाभी की सहमति का इंतजार करना होगा
![]() |
| अचला गुप्ता |
सरला ने सोचा कि भाई को अपने आने की पूर्वसूचना दे दूं।मोबाइल पर भाई की आवाज में कुछ बदलाव महसूस हुआ ' अरे दीदी अभी तो बाबूजी ठीक हैं ।आप अगले महीने आएं तो बेहतर होगा'। सरला कुछ कहने ही जा रही थी कि भाभी की आवाज सुनाई दी ' देखो जी ,मैं आपके मां ,बाबूजी की सेवा तो कर लूंगी पर आपके खानदान का ठेका नही ले रखा है ' ।
सरला के चेहरे का रंग उदासी के कारण उड़ने लगा।वह धम से फर्श पर बैठ गयी।
मां ,बाबूजी से मिलने के लिए अब उसे भाई ,भाभी की सहमति का इंतजार करना होगा

No comments:
Post a Comment