Thursday, March 7, 2019

रंग रंगोली होली

" रंग-रंगीली होली आई "     

मीनू 
रंग-रंगीली होली आई , खुशियों भरा त्यौहार लाई ।
हो रही ग्रीष्म ऋतु की आहट , शीत ऋतु की बिदाई ।।

ली मौसम ने अंगडाई , इंद्रधनुषी किरणें छाई ।
मत बोलो कड़वी बोली , सब खेलो मि।।

जल रही संग होली के नफरत की ये चिंगारी ।
आओ भर दें रंग उन दिलों में , बे-रंग हो गई ज़िदगीं जिनकी ।।

सम्भल जाओ नापाक कायरों , अब है हमारी बारी ।
यादगार कर देगें फागुन , ये दहाड़ है माँ के शेरों की ।।

रंग-रंगीली होली आई ,,,, ,,,,,,
आओ भर दें रंग उन दिलों में ,
बे-रंग हो गई ज़िदगीं जिनकी ।।


                           " मीनू मांणक "

No comments:

Post a Comment

Featured Post

हिंदी पखवाड़े पर इंदौर संघ लेखिकाओ के पसंदीदा पुस्तकों पर विचार

एक सच्चा रिश्ता एक अच्छी किताब की तराहा होता है,  कितनी भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते, रास्ते बहुत मिलेंगे भटकाने के लिए, लेकिन स...