" रंग-रंगीली होली आई "
रंग-रंगीली होली आई , खुशियों भरा त्यौहार लाई ।
हो रही ग्रीष्म ऋतु की आहट , शीत ऋतु की बिदाई ।।
ली मौसम ने अंगडाई , इंद्रधनुषी किरणें छाई ।
मत बोलो कड़वी बोली , सब खेलो मि।।
जल रही संग होली के नफरत की ये चिंगारी ।
आओ भर दें रंग उन दिलों में , बे-रंग हो गई ज़िदगीं जिनकी ।।
सम्भल जाओ नापाक कायरों , अब है हमारी बारी ।
यादगार कर देगें फागुन , ये दहाड़ है माँ के शेरों की ।।
रंग-रंगीली होली आई ,,,, ,,,,,,
आओ भर दें रंग उन दिलों में ,
बे-रंग हो गई ज़िदगीं जिनकी ।।
" मीनू मांणक "
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| मीनू |
हो रही ग्रीष्म ऋतु की आहट , शीत ऋतु की बिदाई ।।
ली मौसम ने अंगडाई , इंद्रधनुषी किरणें छाई ।
मत बोलो कड़वी बोली , सब खेलो मि।।
जल रही संग होली के नफरत की ये चिंगारी ।
आओ भर दें रंग उन दिलों में , बे-रंग हो गई ज़िदगीं जिनकी ।।
सम्भल जाओ नापाक कायरों , अब है हमारी बारी ।
यादगार कर देगें फागुन , ये दहाड़ है माँ के शेरों की ।।
रंग-रंगीली होली आई ,,,, ,,,,,,
आओ भर दें रंग उन दिलों में ,
बे-रंग हो गई ज़िदगीं जिनकी ।।
" मीनू मांणक "

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