Monday, March 25, 2019

रँगपंचमी का धमाल

रंग पंचमी का धमाल

रंग पंचमी तूने किया कमाल
नर नारी कर गई लालम लाल।

पिचकारी भर भर लाई
रंग बिरंगे गुब्बारे लाई,
सड़क पर भीड भारी
मस्ती में गैर उडाई ।

झांझ मजीरे खूब बजाई
थाप दे थाप पर नाची,
खूब थिरकी खूब फिरकी
मस्ती हुडदंग मचाती आई।

ईर्ष्या को जला आई
नफरत को मिटा आई,
स्नेह प्यार की डोर थामी
गलबहियां प्यार की डाली।

घर मुहल्ले शोर मचाई
गली गली किया धमाल,
रंग पंचमी तूने किया कमाल
नर नारी कर गई लालमलाल।

डा अंजुल कंसल"कनुप्रिया"

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