रुपाली तवर: लेखक :08
जयशंकर प्रसाद
मूल शीर्षक
'कामायनी'
मुख्य पात्र
मनु और श्रद्धा
प्रकार
रूपाली तवर:
तुम कौन हो? संसृति-जलनिधि,
तीर-तरंगों से फेंकी मणि एक।
कर रहे निर्जन का शांतिकाल,
प्रभा की धारा से अभिषेक?
अमधुर विश्रांत और एकांत,
जगत का सुलझा हुआ रहस्य,
एक करुणामय सुंदर मौन,
और चंचल मन का आलस्य।
🙏🏻💐💐💐💐💐🙏🏻
जयशंकर प्रसाद
मूल शीर्षक
'कामायनी'
मुख्य पात्र
मनु और श्रद्धा
प्रकार
तुम कौन हो? संसृति-जलनिधि,
तीर-तरंगों से फेंकी मणि एक।
कर रहे निर्जन का शांतिकाल,
प्रभा की धारा से अभिषेक?
अमधुर विश्रांत और एकांत,
जगत का सुलझा हुआ रहस्य,
एक करुणामय सुंदर मौन,
और चंचल मन का आलस्य।
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