Wednesday, March 27, 2019


संध्या पचोरिया
*कमाल है ना ??*

वो बचपन में खुली छत पर सब के साथ सोते थे, पर फ़ोटो लेना याद नही रहा।

ना पानीपुरी की फ़ोटो ली, ना वो बर्फ गोला और आम चूसने की रिकॉर्डिंग की।

बिना AC की train में जो आलू की सब्जी और पराठे, पानी की सुराही,  उनकी भी कहाँ तस्वीरे ली हमने।

पर हां... एक एक पल की detail  याद है l

क्यूँकि शायद... उस वक़्त तस्वीरें दिल पे बनती थी, कैमरों में नही।

वोह पल कितना अच्छा था, घडी सिर्फ पापा के पास थी... आैर वक्त सारे परिवार के पास...
☺😊

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