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| कुसुम सोगानी |
ऊपर हरे रंग को पोलको
और सागे चाले तो
खिलई दूं पान बनारस को बीड़ो
टेसु ओ महुआ महक रही
अमुआ पे कोयल कुहुक रही
प्यार का गीत सुनाये तो
खिला दूँ मगध पान को बीडो
भुजबंध चुडला कंगना लाऊं
चांदी के गहना बनवाऊं
पैर में तोड़ा पहने तो
खिला दूँ मालवी पान कोबीड़ो🌹
लड़की :-💃💍👛🕶💋
🌺सुन ले प्रीतम आयो भगोरिया
यूँ न चलूँगी बिन सुन बतिया
पूरा जीवन तेरे साथ के
रहना है तो सोचूँगी मैं
नये ज़माने की छोरी मैं
पढा लिखा सच्चरितवान बन
पान खिलाये तो
संग चलूँगी सुन पिया
घर में शौचालय बनवाना
साफ़ सफ़ाई रख और रखना
बुरे काम दारू बीड़ी तज
पान खिलाये तो
चलूँगी तेरे संग रंग रसिया
पहर बूटीदार दुपट्टा
गुदा ले हाथ में नाम का बूटा
साथ निभाने कमा खिलाने
की हिम्मत हो तो
खिला दे मीठो पान को बीड़ो🌺
———***_____****______
स्वरचित :-कुसुम सोगानी
लेखिका गीतकार

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