Monday, March 25, 2019

होली विदा

Swati sing

विदाई ली रही रंगो की होली

समेटे जा रही हंसी और ठिठोली

ऐ होली तू छोड़ जा

निशा रंगो के

दे जा सौगात रंगों की

आये जब बरस बाद तू

तो मन वैसा ही हो बजरंगी

तरंग मन में हर रंग मन में

भर जाए नवरंग जीवन में

की धरती हरी हो

हरी हो भरी हो

और नीला आसमान

केसरिया साधु मन हो

पीले खेत और

रंग बिरंग बिरंगे फूलों का हो बागवान

हर गाल गुलाबी

और मन में हो कामयाबी

बस ऐसा सजा हुआ मन

में हो अगला होली का मिलन

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