छुटका बचपन----
चुन्नू ,मुन्नू, पिंकू , टींकू
सपनों की दुनियां को देखो
सितारों और फूलों की दुनियां
कितनी भाती , मनभावन तितलियां
आओ आओ हम भी पंख पसारें
उड़ते जायें परी से बांह फैलाये
हाथी आये, टैड़ी बियर भी,
बादल ऊपर नाचे छोटा सा खरगोश भी
नीली, गुलाबी होसुंदर दुनियां हमारी
सपनों को देंखे सोते हम मीठी लागे ये भी।
कितना प्यारा कमरा सजा है
मां पापा ने हमको दिया है
करना अब सच हमको सपने
पढ लिखकर नाचे गायें बने खूब बड़े।
सुषमा व्यास 'राजनिधि'
कहानीकार, कवियीत्री
चुन्नू ,मुन्नू, पिंकू , टींकू
सपनों की दुनियां को देखो
सितारों और फूलों की दुनियां
कितनी भाती , मनभावन तितलियां
आओ आओ हम भी पंख पसारें
उड़ते जायें परी से बांह फैलाये
हाथी आये, टैड़ी बियर भी,
बादल ऊपर नाचे छोटा सा खरगोश भी
नीली, गुलाबी होसुंदर दुनियां हमारी
सपनों को देंखे सोते हम मीठी लागे ये भी।
कितना प्यारा कमरा सजा है
मां पापा ने हमको दिया है
करना अब सच हमको सपने
पढ लिखकर नाचे गायें बने खूब बड़े।
सुषमा व्यास 'राजनिधि'
कहानीकार, कवियीत्री

Superb
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