Monday, March 18, 2019

जीवन निखार

हरियाँ हरियाँ बाग मे ,
हरा खिलाऊ तुमको पान।
यहीं  बिड़ला है सांक्षी  ,
रखना मेरा मान समान ।
लाल लाल रंग खिले अधर और हरा भरा संसार ,
तुम मेरे जीवन मे लाना निखार ।
जीवन संगिनी के रुप मे
दिनकर बनकर तुझे मेरे
संग चलना है।
सपनों की कोयल सुघर
हिंड़ोले झूलेगी ।
आशा बगियाँ फूलेगी ।
यहीं भाव से करता हूँ स्वीकार ।
     मनोरमा जोशी
स्वरचित ।🙏🏻

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