Tuesday, March 12, 2019

महिला की महिमा

अलका जैन
महिला दिवस पर
अलका जैन
जो पसव पीड़ा सहती है उसे अबला कैसे पुकारते हो लौगो
जो आपको जन्म देती है उस के जन्म पर मातम कैसे मनाते हो लौगौ
खुदा तौ दिखता नहीं  देता   कभी
 दिखाई देनेवाला खुदा हौती हैं महिला
नौ महीने पेट पाला किसने तुम को बोलौ उस के साथ दुसरे दर्जे
का  बर्ताव्य  काहे करता है समाज
आधी दुनिया हम औरत फिर ऐसा काहे करता है जमाना बोलौ
जिस का दूध पी कर आदमी बड़ा हुआ उस से नफ़रत ठीक नहीं यारौ
जो पुरुष की पहली गुरु कहलाती हैं
उसे भूत मैं मारना गलत है देखो लौगौ
प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ना ठीक नहीं
बहू क्याऔडर पे बनवाओगे लौगो
जिस के हाथ की रोटी खा कर बड़े हुआ समाज हम तुम सब
उसका सम्मान करना होगा लौगो
उस पर लगी बंदिश हटाओ लोगों
विधवा विवाह को सम्मान मिले हां
सारे बम काहे औरत के सर फूटे
विधवा हुई तो पति कौ का लिया
लड़की  पैदा हुई तो दोष औरत का
नाम बाप का होता गाली के लिए औरत
औरत का सम्मान करो औरत का सम्मान
गलत रिवाज बन्द होनाा चाहिए
औरत की बौंसाई नहीं बने लोगों
औरत तौ घर घर में जन्नत लाती
उसकी पूजा घर घर में हो लोगो
औरत का सम्मान करो लोगों
भूत हत्या मानव सभ्यता मिटा देगी
 कन्या बिन दुनिया नहीं चल सकती
जश्र मने कन्या के जन्म पे घर में
पूरे अवसर मिले औरत को समाज में लोगों
बलात्कार पर कड़े कानून बने जमाने में
औरत का सत्कार होना चाहिए लौगो
बराबर पुरुष के अधिकार मिलना चाहिए
औरत का सम्मान हौना चाहिए लोगों
औरत कि बौंन्साई बने नियम निरस्त होना चाहिए
औरत का सम्मान करो लोगों औरत को मान लो यार दौस्तो

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