Monday, March 18, 2019

खिला टेसू

आराधना विसावाड़ीया
आम बौराते, टेसू खिलता है, महुआ गदराता है, ताड़ी शबाब पर आती है |फागुन जब आता है, पर्व भगोरिया आता है |
पान ,ठंडा शरबत मन को भाता है, पर्व भगोरिया आता है |
ढोल, मांदल, बंसी, घुंघरु, भील बालाएं, चांदी की पट्टिकाएं, तागली,बाजूबंद चूडियाँ, गोदना
गुदवाती आदिवासी बालाएं |
गालों पर गुलाल मल प्रणय निवेदन कर युवा मन इठलाता
है, बिना कुंडली जोड़ी बन जाती है, गाओ  सखी भगोरिया आता है|
द्वारा -आराधना विसावाडिया
      इंदौर

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