Sunday, March 31, 2019

गुड़ी पडवां
गुड़ी पडवां पर हर साल सजाती हो एक गुडीया
जो घर की मुंडेर पर रख दी जाती है अच्छे कपड़े लत्ते पहनाकर बढ़िया
क्यों न इस नए साल में हम सजाये एक ऐसी गुड़िया
जो सन्देश देती रहे नवचेतन्मयी
बतिया
जो शिक्षित हो शिक्षा का संदेश दे
स्वस्थ रहकर ऐसे संसार की रचनाकार बने
जंहा खुशालीभर हँसता मुस्कुराता जहांन हो
वो गुड़ी स्वावलम्बन की दुनिया मे अपने पैर जमाकर
खड़ी रहे आत्म विश्वासु बनकर
वो आत्म विश्वासु के साथ संस्कारों की बेल थामे
नित ऊंचाइयों को छूती रहे
जिसमे संस्कृति की महक के
रंग बिरंगे फूल महके
सखियों,क्यों न हम भी जुट जाएं,इस हिन्दू नव वर्ष गुड़ी पडवां के शुभ दिन
सजायें सच्ची मुच्ची की नव चेतनामयी रानी गुड़ी
भारत देश बढ़ेगा,राष्ट्र फलेगा,
यही भावना लिए,आओ बनाएं हर और से सशक्त ,चेतन्मयी गुड़ी,
जो कभी न झुके झूठ और फरेब की दुनिया मे
खड़ी रहे हर मोर्चे पर सत्य के लिए सदा अडिग।
गुड़ी पडवां पर होगा सार्थक गुड़ी बनाना, गुड़ी सजाना
जब हर बिटिया,बन्नो ,हो जाएगी सशक्त कड़ी।
 👭🚶‍♀💃🙆🧚‍♀🧙‍♀👩‍🎨👩‍⚖👩‍🌾गुड़ी पडवां पर अनन्त अनन्त शुभ कामनाएँ और बधाईयां🌹🌹🙏🙏
स्व रचित:प्रभा जैन।6 अप्रैल 2019

No comments:

Post a Comment

Featured Post

हिंदी पखवाड़े पर इंदौर संघ लेखिकाओ के पसंदीदा पुस्तकों पर विचार

एक सच्चा रिश्ता एक अच्छी किताब की तराहा होता है,  कितनी भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते, रास्ते बहुत मिलेंगे भटकाने के लिए, लेकिन स...