Thursday, July 23, 2020

सावन भोजपुरी गीत

आईल सावन सखी भोजपुरी गीत प्यार के पातर पगडंडी पर , 

आईल ऋतु फिर सावन के ।।

 बदरी घेरलस काला -काला , 

देख के मन में परल छाला बरसी बरखा के फुहार जब मन परेला मोर साजन के ।। 

आईल ऋतु फिर सावन के ।।

 दादुर के पी -पी के शोर , खींचे मोहे सजन के ओर, सपना तब देखेला अँखियाँ ,

 मोर प्रियतम के आवन के ।। 

आईल ऋतु फिर सावन के ।। 

 कर गोरी सोलह श्रृंगार , आवत होईहे पियवा तोहार, 

लागल बा मिलन के प्यास , 

आश लागल मनभावन के ।।

 आईल ऋतु फिर सावन के ।। 

 पड़ल झूला बा बागन में , 

कौवा उचरत बा आँगन में ,

 प्रेम के हिरनी मन में कुदे राह निहारे मन साजन के ।

 आईल ऋतु फिर सावन के ।। 

*डॉ मंजु गुप्ता

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