रिमझिम करता मौसम लाए।
सावन आया, बादल छाए,
चारों ओर हरियाली लाए।
सावन आया ,बादल छाए,
चौमासा प्रारंभ हो जाए।
सावन आया,बादल छाए,
गुरु पूर्णिमा पर गुरू पुजाए।
सावन आया बादल छाए,
शिवजी घर घर पुजाए।
सावन आया ,बादल छाए,
जीरोती अमावस्या लाए।
सावन आया,बादल छाए,
भैया बहन को लेने आए।
सावन आया, बादल छाए,
मां हरी हरी चूड़ियां पहनाए।
सावन आया, बादल छाए,
रिमझिम बारिश में भजिए खाए।
सावन आया, बादल छाए,
भाई बहना से राखी बंधाए।
सावन आया, बादल छाए,
भाई बहन की रक्षा का वचन निभाए।
सावन आया बादल छाए,
इसकी महिमा कही ना जाए।
स्वरचित
सविता ठाकुर
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