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सीपियां उम्मीद की ये
कर रही थी प्रार्थना।
गर्भ में मोती बनें तो
पूर्ण हो हर कामना।।
हिम शिखर से जल चले ले
नेह सिंचित भावना।
वारिधी का तप फले तो
हो सफल आराधना।।
भू पे उतरे तारे ले कर
चांदनी का पालना ।
हे प्रभु हर सीप में तू
बूंद स्वाति डालना ।।
*ज्योति नारायण।
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