Thursday, July 23, 2020

पीहर का संदेश

*पीहर का संदेशा* 😘🙏
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 बहन बेटियों का मन बहुत खुश हो जाता है, जब भाई भावज का पीहर से संदेशा आता है!

 उन्हें उपहार,रूपया, और पैसा कुछ नहीं भाता है भाई दो शब्द बोल दे तो दिल भर भर आता है! 

 बाबुल का घर सदा उनके जेहन में ही रहता है! 

 पिता की कुशलता का प्रश्न सदा मन में होता है.. खुद बूढ़ी हो जाये पर दिल तो बच्चा रहता है!

 माँ का आँचल उनके इर्द गिर्द लिपटा रहता है! 

 खुद की थकान का मायके जाके निदान होता है... दो पल सकून की नींद से मन तारोताजा होता है...


 पीहर में जब सभी बहनो का संग साथ होता है ... दीवारे चहक उठती है जब उनका मिलाप होता है.... भाभी की मनुहार से
 मन पुलकित हो जाता है.... भाईभावज से बाबुल के आँगन पे गर्व होता है ... अन्नपूर्णा का चेहरा परोसी थाली में दिखता

है!.... जब पसंद का भोजन पीहर में तैयार होता है.... पीहर आ के भाई में पिता का रूप दिखता है ....

 भाई बहन की बातों में फिर बचपन चहकता है .... भतीजों में इठलाते गणेशा का चेहरा दिखता है.... सुन्दर भतीजियों में माँ 

शारदे का रूप खिलता है .... सावन के त्यौहारों पर दिल बाग़ बाग़ हो जाता है... भाभी प्यार से बुलाएगी राखी का धागा कहता है... 
 बहन बेटियों का ताउम्र ही पीहर से नाता होता है.... उनकी सांस सांस से दुआ, आशीर्वाद निकलता है.... विदाई में शगुन के 

चावल फेंकने का क्षण आता है.... पीहर मेरा हरा भरा रहे बहन बेटी का मन कहता है.... 
 👍🏼👍🏼💕💕💕💕

*सुशीला कोठारी

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