फ्रिज
घर्र , घर्रर, घर्रर तेज़ आवाज़ काम मे ख़लल डालने के लिए काफी है आज तो साफ करना ही है फ्रिज की डिफ्रॉस्ट ट्रे को , फ्रिज के पीछे की सफाई हमेशा छूट जाती है लेकिन वह आज शायद आज आया ।
फ्रिज के पास से गुज़रते समय लगा जैसे किसी ने कहा ---- घर्र , घर्र , रुको --- कदम थम गये ये आवाज कही फ्रिज से तो नही
ठाना अभी , अभी ही करती हूं इसकी सफाई ।
फ्रिज को आगे खिसकाया , जितनी धूल हो सकती थी उससे ज्यादा ही थी defrost Trey पानी और गंदगी से पूरी तरह से भरी हुई थी ।
आधे घंटे के फ्रिज सफाई अभियान के बाद फ्रिज को start किया ।
कोई आवाज़ नही plug को tight किया लगा कही ढीला ना हो , ना कोई घर्र नही खोल कर देखा चल रहा है कि नही , चल तो रहा पर उसकी आवाज़ ----घर्रर घर्र
नही वो आवाज़ नही थी शायद उसकी कराह थी पूरी भर चुकी गंदे पानी की defrost treyके कारण जिससे कि उसके compressor पर बेवज़ह load पड़ रहा था ।
पता नही क्यो मुझे मशीन और इंसानी फितरत में एक समानता दिखाई दी ।
मन मे बैठी दुश्चिंताएँ , तनाव , अशांति , अफ़सोस , क्रोध
हमारे मन - मस्तिष्क को अपने बोझ तले नही कुचल रहा , क्या हम उस बोझ से खुद को मुक्त कर
सहज शांत , निर्मल नही हो सकते फ्रिज जैसे ?
शालनी रायजदा

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