जीना इसी का नाम है।
।जीवन बहुल अनमोल है,उसे दिल से जिए सुख दुःख का सिलसिला तो सबके साथ चलता है,
हर दुःख के बाद सुख अंधकार के बाद उजाला, अंधकार के बाद उजाला, निराशा के बाद आशा यही तो संदेश
देती है कि जीवन एक सा नही चलता अपनी जिन्दगी को अच्छी सोच से,अच्छे कर्मों से आत्म विश्वास से,
अच्छे व्यवहार से,हर पल मुस्कुराकर,हिम्मत साहससे,धैर्य शांति से एक दूसरे से प्रेरणा लेकर प्रशंससे,अपने पवित्र
रिश्तो को बखूबी निभातेहुए, सुख दुःख में सहभागी बन कर प्यार सम्मान से, बहुत खूबसूरत बनाया जा सकता है
हर परिस्थिति में खुश होकर जीवन को सुंदर बनाया जा सकता है,खुद जिए और दूसरों के लिए भी जिए,जीना
इसी का नाम है।
स्व रचित नवनीत

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