मातृभाषा में संस्कृति का निवास है
मातृभाषा राष्ट्रीयता का उत्कृष्ट संयोजन है
देशप्रेम की भावना का उत्प्रेरण है
मातृभाषा आत्मा की आवाज है
मन का संचलन है
संस्कारों की संवाहक है
माँ के आंचल का पल्ल्वन है
बालक के मानसिक विकास का सोपान है
बालपन में बोला गया पहला तुतलाता श्ब्द है
वाणी का प्रथम संप्रेषण है
यह बालक के सोचने समझने का कौशल
और सामाजिक व्यवहार का अनौपचारिक शिक्षण है |
वसुमति चतुर्वेदी
अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी 2020

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